Thursday, December 12, 2019

किसानो के हालात

किसानो के हालात।


आजकल की इस भागती दौड़ती जिन्दगी में , और पैसे कमाने के चक्कर में हम लोग किसानो को और उनके योगदानो को हम लोग भूलते जा रहे है , ज्यादातर लोग किसान परिवार से है। फिर भी इस भागती दौड़ती जिन्दगी में हम लोगों को समय ही नहीं है।
जब भी हम कुछ भी खाते है वो कहीं ना कहीं किसी ना किसी किसान से जरूर आता है ।
 बेचारे किसान की ये हालत है , की उसके पास सारी चीजे उगाने के बाद भी खुद खाने के लिए भी कमी पड़ जाती है।
Farmer's market
इसके जिम्मदार कहीं ना कहीं हम भी है, क्योंकि जब भी हम कुछ भी खरीदते है तो कभी भी हम ये नहीं सोचते कि चलो कुछ चीजे सीधे किसानो से ले ले, चाहे किसान हमारा रिश्तेदार ही क्यों न हो ।

Farmer's market

आज जो प्याज़ के रेट इतने ऊपर है , उसका कारण कोई भी किसान नहीं , क्युकी उसके पास तो सामान storage में रखने के भी पैसे नहीं है । वो तो बेचारा तभी के तभी बेच देता है , चाहे उसमे उसको कुछ बचे या ना बचे।
उसको तो ये 10 या 20 रूपए में बेच कर खूद 150 में लेना पड रहा है।
हमें अपने आप कहीं न कहीं ये भी सोचना चाहिए कि उनकी मदद कैसे करे, क्युकी अगर किसान ही भी रहेगा तो हम खाएंगे क्या ?
आज कल के बच्चो को तो ये भी नहीं पता कि खाना कहा से आता है , वे तो ये ही सोचते है की स्टोर से  ही आता होगा।
हम लोगो को इस बारे में एक बार तो ज़रूर सोचना चाहिए।
धन्यवाद।


Farmer's market

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